गायत्री मंत्र का जाप क्यों किया जाता है? Benefits of Chanting Gayatri Mantra
Published on: February 2, 2023

मंत्र क्या है?

“मननात त्रायते इति मंत्रः” जिसके मनन से त्राण मिले वही मंत्र है | 

भारतीय संस्कृति में मंत्रजाप एवं मनन पुरातन काल से ऋषि, मुनि करते आ रहे है | मंत्रो की महिमा अपार है | मंत्र का जाप बहुत ही प्रभावशील होता है, इनमे असाध्य कार्य को भी सिद्ध करने की अद्वितीय क्षमता होती है | 

अपने अंतर्मन की पुकार आराध्य देव तक पहुँचने का एक सशक्त माध्यम है मंत्रो द्वारा जाप |

भारतीय संस्कृति के प्रमुख तीन चरण माने गए है – गंगा, गायत्री और गीता | 

गायत्री मंत्र एक परम मंत्र है जिसकी महिमा अपरम्पार है | गायत्री मंत्र एक महामंत्र है |हमारी भारतीय संस्कृति की परिभाषा और परिचय की पूर्णता इसी मंत्र से मिलती है | 

गायत्री मंत्र सविता देवता सूर्य की उपासना का मंत्र है | सविता सूर्य की ऊर्जा से ही सृष्टि की चेतना आयी |

गायत्री मंत्र में असीमित आध्यात्मिक तेज है | इस मंत्र के जाप से मानव चरित्र, व्यवहार, प्रखर, तेजस्वी, तथा ऊर्जावान हो जाता है | 

स्वामी विवेकानंद जी गायत्री मंत्र की महिमा बताते हुए कहा कि यदि भारतीय संस्कृति का सन्देश देने वाले सभी ग्रन्थ लुप्त हो जाएँ तो केवल गायत्री महामंत्र ही सबका विस्तार प्रकट कर सकता है | 

Importance of chanting Mantra

 “ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् |”

उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपनी अंतरात्मा में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे।

ॐ – यह एकाक्षरी मंत्र जिसे शब्दब्रह्म और नादब्रह्म भी कहा जाता है | ॐ मानव जीवन के प्रारम्भ व अंत का प्रतीक केवल परमात्मा है |

 भूर्भुवः स्वः – गंगा स्वर्ग, धरा, पाताल में प्रभावित होने से साथ जपकर्ता को शीतल, शांत और पवित्र बनाती है | 

 तत्सवितुर्वरेण्यं – इसमें गंगा की पवित्रता निहित है | 

भर्गो देवस्य धीमहि – गायत्री मंत्र जाप में प्राणों को त्राण देने वाली शक्ति है | इस मंत्र के जाप से मनुष्य तेजस्वी बनता है | 

धियो यो नः प्रचोदयात् – बुद्धि को परिमार्जित करने वाला गीता दर्शन इसमें समाहित है |           

Gayatri Matra_HIndu Sanskriti

  • गायत्री मंत्र की उपासना के प्रभाव से मनुष्य में सात्विक भाव आते है |
  • मनुष्य सन्मार्ग पर चल कर दिव्य गुणों को अपने अंतर्मन में उतार सकता है | 
  • प्रभावी गायत्री मंत्र का जाप धार्मिक अनुष्ठान और यज्ञ, हवन के माध्यम से करके मनुष्य असीम ऊर्जा प्राप्त कर सकता है | 
  • गायत्री मंत्र का जाप करने के लिये साधक को जप पूजा का स्थान स्वच्छ एवं पवित्र रखना चाहिए | 
  • मन में पवित्र, सात्विक भाव लाना चाहिए | शांत एवं एकाग्र भाव से जप करने पर मंत्र अधिक फलदायी होते है | 
  • खान-पान, आहार-विहार में भी जपकर्ता को संयमित रहना चाहिए |

Gayatri matra Mala jaap

गायत्री मंत्र के जाप से मानव जीवन पर प्रभाव –

  1. सूर्य देवता की उपासना गायत्री मंत्र के द्वारा की जाती है | सविता सूर्य जीवन शक्ति को बढ़ाता है | सूर्य की किरणे मानव के लिये वरदान है | 
  2. मनुष्य में गायत्री मंत्र का निरंतर जाप करने से तेजस्विता, प्रखरता बढ़ती है |
  3. गायत्री मंत्र आत्मोन्नति करने का सर्वश्रेष्ठ मार्ग है | 
  4. गायत्री मंत्र के जाप से मनुष्य को मानसिक बल प्राप्त होता है जिससे वह अपने जीवन की कठिनाइयों को सहजता से दूर करने में समर्थ होता है | 
  5. गायत्री मंत्र के जाप से मन शांत होता है | यह तनाव और चिंता को कम करता है |
  6. गायत्री मंत्र का जाप करने से शारीरिक, आध्यात्मिक और मानसिक ऊर्जा मिलती है |
  7. गायत्री मंत्र व्यक्ति की बुद्धि को प्रकाशित करता है। तन और मन दोनों को स्वस्थ रखने में यह मंत्र पूर्णतया समर्थ है |
  8. गायत्री मंत्र की उपासना से मनुष्य का चरित्र उज्जवल बनता है | मानव व्यवहार में दया, करुणा, प्रेम, सहयोग की भावना, परिवार, समाज और देश सभी के लिये कल्याणकारी है |  
  9. गायत्री मंत्र एक आध्यात्मिक मंत्र होने के साथ-साथ मानव जीवन के लिये वरदायी है | 
  10. इस दिव्य मंत्र के गुणों का बखान शब्दों के द्वारा करना संभव नहीं है | मंत्र जाप के माध्यम से ही इसे अनुभव किया जा सकता है |